Product/Book Details

स्पर्श – पयार का एक एहसास

500.00

लेखक का नाममनोज कुमार

Description

स्पर्श. पयार का एक एहसास

व्य-िä के अन्दर की भावनाओं को बाहर निकालने में कविता एवं गीत जितनी सहायता करते हैं उतनी अन्य कोई विधा नहीं करती है। गीत अथवा कविता का जन्म अनुभव से होता है। अनुभव की गहराई किसी घटना तथा परिस्थतिजन्य होती है। स्नेह अथवा प्रणय मनुष्य के जीवन की घटना ही तो है जो समय को देखकर व्यक्ति के मन को अपना घर बना लेती है। जिस तरह फूल पर्यावरण को अपनी सुगन्ध से वासित करता है उसी प्रकार एक रचनाकार का काम अपनी रचनाओं द्वारा उसे सतरंगी रंंगों से भरना होता है। मैं अपने उद्देश्य में कहा¡ं तक सफल हुआ ह¡ूं यह विषय महत्वपूर्ण नहीं है । महत्वपूर्ण यह है -िस्थति लेखनानुकूल न होते हुए भी मैने लिखने का प्रयास किया है। पाठक वर्ग पुस्तक का समग्र मूल्या¡कन कर जो सुझाव देगे मेरा प्रयास होगा कि अगली रचना में उसे दूर कर सकू¡ । प्यार के विषय पर जितना कहा जााए वह थोड़ा है इस विषय को मनुष्य ने समझा है उसके रूप वेशक अलग – अलग हो। मै अन्त में उन सभी लोगो का आभारी ह¡ूं जिन्होंने प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप में सहयोग दिया है।
मनोज कुमार
एम.ए.एम.फिल.

Reviews

There are no reviews yet.

Only logged in customers who have purchased this product may leave a review.