Vol 4, No 6 (2017)

Vol-4-Issue-06-June-2018

यह स्तंभ साहित्यिक अंतर्विरोध, सामाजिक बदलाव, सांस्कृतिक वैश्वीकरण की नीति पर खड़े प्रश्नचिन्ह, ऐतिहासिकता का विस्मृति दंश, कला की व्यावहारिक और सैद्धांतिक बहस आदि ऐसे विषयों पर आधारित है. यह आवाम के उस हिस्से का संग्राहक है जिसमें जीवनपर्यन्त एक आदमी सब कुछ जीते हुए खुद के भीतर से एक नया संसार रचता है और सब कुछ ख़त्म हो जाने के बाद भी अपनी पहचान छोड़ जाना चाहता है. यही अस्मिता की पहचान है जो मानवीय संवेदना और ब्रह्माण्ड को नयी अस्मिताएँ देता है और यहीं से सृष्टि के सृजन और विनाश की तमाम सूरतें साफ़ दिखाई देने लगती हैं . इस स्तंभ का मक्सद है कि युवा और पुरानी पीढ़ी के बीच एक स्वस्थ संवाद पैदा किया जा सके. ताकि विश्व संस्कृति के निर्माण में इन विचारों से मानवीय मूल्य, परंपरा, संस्कार परिशोधन कर उसे नयी ज़मीन पर पुनर्स्थापित किया जा सके. आज के युग में पुराने पड़ चुके मूल्यों को दरकिनार किया जा चुका है. अभी जबकि नये मूल्य संपूर्णता के साथ सक्षम हुए परिपक्व ज़मीन में नहीं आए जिससे युग की परख़ करना बेहद मुश्किल है कि इस नवीनता में यथार्थ चेतना, किस अंश तक मानवीय और याँत्रिक है .

इस स्तंभ में पुरानी पीढ़ी के विचारों का द्वंद्व और तनाव हमेशा नए के साथ साथ है लेकिन एक जगह ऐसी है जहाँ दोनों अपने अपने विचारों का मिला जुला रूप रखने को समर्थ हैं, वह है 'हस्तक्षेप'. आज जबकि पुराने मूल्य दरकिनार कर दिये जा चुके हैं जबकि नए मूल्य अभी परिपक्व और सक्षम नहीं हुए हैं कि युग बदलाव और उसमें मानवीय यथार्थवादी चेतना कितनी मानवीय है कितनी याँत्रिक. इसकी परख़ कर सकें इसीलिए पुरानी पीढ़ी के विचारों के बिना यह संभव नहीं. युवा पीढ़ी युग निर्माण को शाश्वत धरातल पर सही सलामत ले जा सके. यह स्तंभ नए और पुराने मूल्यों पर बहस नहीं बल्कि दोनों की संपूर्णता और सामंजस्य का प्रतिनिधित्व है ताकि हम पुरा सामग्री को बचा सकें और नयी क्रियाओं को उसमें समा सकें. जिससे यह कहने का दंश न रह जाए - "कहाँ गया वह पूर्ण पुरातन, वह सुवर्ण का काल"

इस स्तंभ में पूर्ण पुरातनता और नित नयी नवीनता की पल्लवित कोंपल को तमाम बहसों से सुरक्षित रखा जा सके क्योंकि आख़िर पुरातनता ही तो नवीनता के तमाम क्षणों में तब्दील होती है और नवीनता ही अति नवीन या सृजन के समय पुरातन होती जाती है. अत: पुरातनता की मज़बूत जड़ को यह स्तंभ नवीनता की सबसे मज़बूत शाख के रूप में सुरक्षित रखेगा .

Table of Contents

Articles

रिया कुमारी
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1-4
अजय कुमार
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5-6
तुषार मोघा
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7-8
गिरिजा देवी
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9-10
रिशु राज
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11-14