अज्ञेय की कहानियों में व्यक्त मनोवैज्ञानिक - दर्शन

नीरजा सिंह

Abstract


हिंदी साहित्य में अज्ञेय ऐसे व्यक्ति का नाम है जो आज भी साहित्य निधि का कोहिनूर बना हुआ है |वे साहित्य के सिद्ध हस्ताक्षर हैं | साहित्य की लगभग प्रत्येक विधा में उन्होंने अपनी लेखनी चलाई है | कहानी विधा और उपन्यास विधा में वह अपना सशक्त अस्तित्व रखते हैं | उनकी कहानियां मनोविज्ञान, मानव जीवन और भावनाओं की सूक्ष्म गहराई से रची बसी है | एक कुशल शिल्पकार होने के साथ साथ ही वह व्यक्ति के अंतर्मन के जानकार भी हैं, उनकी मनस्थिति को समझकर व उसकी गहन पड़ताल कर उसे साहित्य में वह बहुत ही सशक्त तरीके से व्यक्त करते हैं| उनके साहित्य में मानव के अंतर्मन को स्पर्श करने की अपार शक्ति विद्यमान है | अज्ञेय की कहानियां  बाह्य यथार्थ व आंतरिक यथार्थ में समन्वय करती है |

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